फतेहपुर सीकरी और सलीम चिश्ती की दरगाह
आगरा किला
सिकंदरा
आगरा में अकबर, अकबर की पहली पत्नी मरियम का मकबरा भी है और अनार कली की मज़ार भी है।
ताज – भीतरी परिसर
खुला अहाता पार कर भीतरी परिसर में जाने के लिए लगभग 20 सीढियां है। संगमरमर की सीढियों पर चढने का अवसर अब नही है, इन पर लकड़ी की सीढियां लगा दी गई है। चढ कर जाने के बाद फिर से चारो ओर खुला भाग है उसके भीतर बीचो-बीच मुख्य स्थल है। यहाँ प्रवेश करते ही ज़मीन पर जाली से ढका भाग दिखाई देता है। पहले यह भाग खुला था और यहाँ से नीचे उतरा जाता था जहां मुमताज़ महल का वास्तविक मकबरा था। अब यह बंद कर दिया गया है।
ताजमहल
वाह ! ताज !!
श्री कृष्ण जन्म भूमि मंदिर – मथुरा
कृष्ण की बाल लीलाओं के बाद हम पहुंचे उनके जन्म स्थान मथुरा में और यहाँ देखा श्री कृष्ण जन्म भूमि मंदिर जो कृष्ण जन्म की कथा दर्शाता है।
मंदिर के सामने कुण्ड है जिसमे पानी नहीं था। मंदिर के भीतर परिसर में सुन्दर उद्यान है और कुंआ भी है। सबसे पहले दर्शन किये उनके केशव रूप के जो कंस वध का रूप है। इसके बाद गिरिराज किशोर का रूप देखा जो वही है जो हमने गोवर्धन मंदिर में देखा था। आगे योगमाया का मंदिर है जिसके आगे है कारागार जिसमे शिला भी है, शिला से कंस ने कृष्ण के अग्रज भाइयों का शिशु रूप में वध किया था। । जेल में - कारागार में कृष्ण का जन्म हुआ था, यही सामने पीछे की ओर सीढिया नज़र आती है जहां से वासुदेव जन्म के बाद कृष्ण को लेकर नन्द गाँव गए थे और योगमाया को ले आए थे।




















