विट्ठल रूक्मिणी मंदिर – पंढरपुर

शिंगणापुर में शनि देव के मंदिर में महिलाओं को भी अब शनि देव के दर्शन की अनुमति दिए जाने का लाभ उठा कर शनि देव के दर्शन करने के बाद शिरडी में साईँ बाबा के दर्शन और कोपरगांव में साई की तपोभूमि देखने के बाद हम पहुंचे पंढरपुर।

चन्द्रभागा नदी के किनारे स्थित है विट्ठल रूक्मिणी मंदिर। नदी की धारा यहाँ कुछ सूख सी गई है। किनारे स्थित है विट्ठल यानि विट्ठोबा यानी कृष्ण भक्तो के छोटे -छोटे मंदिर –
Photo0181
Photo0188
Photo0187
किनारे से दूर ऊंचाई पर बना है विट्ठल रूक्मिणी मंदिर –
Photo0186
रस्ते में दोनों ओर द्वारिकाधीश और राम मंदिर भी है। मंदिर पुराना काले पत्थरो से बना है। गर्भ गृह में केवल विट्ठोबा की मूर्ती है। यहाँ एक विशेष बात यह है कि दर्शन बहुत पास से होते है, मूर्ती के चरण छू सकते है, ऎसी सुविधा अन्य मंदिरों में नही होती।
इससे आगे है रूक्मिणी का गर्भ गृह जहां भी पास से ही दर्शन किए जा सकते है, यहाँ तक कि मूर्ती के मस्तक पर लगा कुमकुम श्रृद्धालु अपने हाथ से लेकर खुद को टीका कर सकते है।
इससे आगे के गर्भ गृह में है – सत्यभामा जिनकी मूर्ती पारंपरिक मुद्रा में है यानि दोनों ओर कमर पर हाथ रखे है,  पीछे बंधा है बालो का जूडा और आँचल एक ओर से कमर में खोंसा गया है।
यहाँ से निकल कर हम तुल्जापुर गए जिसकी चर्चा अगले चिट्ठे में ….
Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: