वैष्णव देवी की राह, अर्धकुमारी और बाणगंगा

कटरा से वैष्णव देवी मंदिर जाने के मार्ग के मुख्य प्रवेश द्वार में जाते ही यात्रा पर्ची की जांच के बाद हम आगे बढे.

प्रवेश द्वार के पास ही दुकानों के अलावा कुछ लोंग भी बीस-बीस रूपए में यूज़ एंड थ्रो रेनकोट बेचते मिले जिसकी ज़रुरत भी पड़ी. वैसे मौसम अच्छा था, हल्का ठंडा माहौल रहा.

लगभग दो किलोमीटर तक चलने के बाद सामान की जांच हुई. यहाँ से वास्तविक चढ़ाई का रास्ता शुरू हुआ -

कुछ खच्चर नज़र आए जिन्हें घोड़े ही कहा जा रहा था. कुछ पालकियां भी थी जिन पर भी लोंग जा रहे थे पर पैदल चलने वालों की संख्या ही ज़्यादा थी. हम भी छड़ी टेकते हुए खरामा-खरामा चढ़ने लगे -

ऊपर तक जाने के तीन तरीके हैं - चलते हुए जाना हैं, सीढियां हैं और हेलीकॉप्टर की सुविधा भी हैं. लगातार सीढियां नही हैं. बीच-बीच में कुछ रास्ता चलते हुए तय करना हैं. इस तरह कुछ-कुछ दूरी पर सीढियां हैं. कहीं सीढियों की संख्या 80 हैं कही 150 तो कही 300 तक हैं. अगर हेलीकॉप्टर से भी जाते हैं तब भी शुरूवाती तीन-चार और अंतिम तीन-चार किलोमीटर का रास्ता चल कर ही तय करना हैं.

पूरा रास्ता दोनों ओर सजी दुकानों पर खाने-पीने की वस्तुएं और तस्वीरे वगैरह बिक रही थी. पहाडी घुमावदार रास्ता होने से थोड़ी-थोड़ी दूरी पर मोड़ आते गए. मोड़ो पर चढ़ाई अधिक रही. पूरे रास्ते में कुछ-कुछ दूरी के लिए शेड भी बने थे पर ज़्यादा दूरी खुले में तय करनी थी. कुछ समय के लिए बारिश भी हुई. कुछ देर के लिए ओले भी बरसे.

सबसे पहले हमने देखा अर्ध-कुमारी (आदिकुमारी) का मंदिर. यहाँ गुफा में माता के दर्शन किए जाते हैं. यहाँ चरण पादुका भी हैं. माना जाता हैं कि भैरवनाथ के भय से जब कन्या के रूप में माता पहाडो की ओर भागने लगी तब कुछ पल के लिए उनके चरण रुके और उन्होंने मुड कर पीछे आते भैरवनाथ को देखा था, यही चरण चिन्ह हैं.

फिर माता इस गुफा में चली आई और यहाँ नौ माह तक तपस्या कर शक्ति प्राप्त की. तपस्या के बाद माँ ने बाण छोड़ कर सामने पहाड़ से जलधारा निकाली और इसमे अपने केश धोए. इसे बाणगंगा कहा जाता हैं. यहाँ के पानी को पवित्र माना जाता हैं. हमने देखा यहाँ कुछ लोंग अपने छोटे बच्चों के मुंडन संस्कार करवा रहे थे.

इस तरह छः घंटे तक चढ़ाई कर हम ऊपर पहुंचे.

ऊपर की जानकारी अगले चिट्ठे में....

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2 टिप्पणियाँ »

  1. ब्लाग पर आना सार्थक हुआ । काबिलेतारीफ़ है प्रस्तुति । बहुत सुन्दर बहुत खूब…बेहतरीन प्रस्‍तुति
    हम आपका स्वागत करते है..vpsrajput.in..
    क्रांतिवीर क्यों पथ में सोया?

  2. मै आऊगा

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