सालारजंग म्यूजियम

हैदराबाद में ऐतिहासिक इमारत चारमीनार से दो किलोमीटर के घेरे में हैं सालारजंग म्यूजियम।

यह देश का शायद अकेला ऐसा संग्रहालय हैं जिसमे अधिकाँश संकलन एक ही व्यक्ति द्वारा किया गया हैं, वो हैं निजाम शासन के तीसरे और अंतिम प्रधानमंत्री यानि सालारजंग III जिनका पूरा नाम हैं - नवाब मीर युसूफ अली खान बहादुर

सालारजंग साहब को नायाब चीजो का बहुत शौक़ था। दुनिया के कई देशों से वो नायाब चीजे इकट्ठी करते थे और कई चीजे उन्हें देश-विदेश से तोहफे में भी मिली थी जिनमे कलाकृतियाँ, मूर्तियाँ, गलीचे, घड़ियाँ, कपडे, अस्त्र-शस्त्र और पुस्तकें हैं। ये संकलन उनके महल दीवान ड्योढी में था। देश को आजादी मिलने के बाद भी जब हैदराबाद निजाम रियासत थी तभी इस संकलन के लिए एक समिति बनाई गई और इसे संग्रहालय का रूप दिया गया। बाद में आंध्र प्रदेश राज्य का गठन होने और हैदराबाद को राजधानी बनाए जाने के बाद साठ के दशक में शासकीय कार्यवाही कर दीवान ड्योढी के दूसरी ओर संग्रहालय के लिए यह नई ईमारत बनाई गई जिसका शिलान्यास तत्कालीन राष्ट्रपति जाकिर हुसैन ने किया था। 1968 में यह संग्रहालय तैयार हुआ जिसका उदघाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू जी ने किया था -

वर्ष 2000 में और दो ब्लॉक बनवाए गए जिन्हें पहले और दूसरे सालारजंग - नवाब मीर तुर्रब अली खान और उनके पुत्र और दूसरे सालारजंग नवाब मीर लायक अली खान को समर्पित किया गया हैं।

दुमंजिला इस इमारत में निचले तल पर 21 गैलरी और पहले तल पर 23 गैलरी हैं. कुछ गैलरी बंद हैं. अभी दूसरी मंजिल पर कुछ नही हैं।

प्रवेश करते ही सामने सालारजंग की विशाल तस्वीर हैं। इसके बाई ओर पहली और दूसरी गैलरी संस्थापकों की हैं। इनमे तीनो सालारजंग की बड़ी तस्वीरे हैं। प्रमुख संस्थापक तीसरे सालारजंग का शिजरा (वंशवृक्ष) हैं। उनके पहले इंग्लैण्ड भ्रमण की तस्वीर हैं। उनके बचपन की और फ़ौजी लिबास में तस्वीरे हैं। उनकी काम में लाई जाने वाली वस्तुएं जैसे हाथी दांत की छड़ी, पोशाक - शेरवानी, कप गिलास वगैरह। उन्हें वेदेशी मेहमानों से मिले तोहफे भी हैं। हर तोहफे पर देने वालो का विवरण हैं।

तीसरी गैलरी भारतीय प्रिंटेड कपड़ो की हैं जिसमे यहाँ की मशहूर कला कलमकारी हैं। चौथी और छठी गैलरी में दक्षिण भारत की कला हैं और पांचवी गैलरी में भारतीय शिल्पकारी का बेहतरीन संकलन हैं। सातवी गैलरी में मुग़ल कला हैं। ग्लास पर की जाने वाली कलात्मक वस्तुएं हैं। आठवी और नौवी गैलरी बाल विभाग हैं। बच्चो की रुचि की पेंटिग, लकड़ी के खिलौने आदि हैं।

ग्यारहवी गैलरी में और दाएं छोर पर पांचवी और छठी गैलरी में लकड़ी का कलात्मक फर्नीचर हैं। लकड़ी पर की जाने वाली बारीक कला दक्षिण की विशेषता हैं. बहुत बारीक बेल-बूटे भी बनाए जाते हैं और इंसानों की साफ़ शकले भी बनाई जाती हैं। फर्नीचर में खाने की बड़ी मेज हैं कुर्सियों के साथ। सोफा सेट हैं। आराम कुर्सियां हैं। पार्टीशन हैं। लकड़ी की छोटी अलमारियां हैं।

बारहवी गैलरी बहुत आकर्षक हैं यह हैं रेबेका गैलरी। सफ़ेद संगमरमर से बनी ख़ूबसूरत महिला की मूर्ति इटालियन कला का बेजोड़ नमूना हैं। विभिन्न ऋतुओं की अलग-अलग मूर्तियाँ हैं जैसे वसंत ऋतु, शीत ऋतु। इन ऋतुओं का प्रभाव चेहरे पर साफ़ झलकता हैं। कही हाथ में पुष्प गुच्छ हैं तो कही अंगूर का गुच्छा। सबसे आकर्षक मूर्ति बीचो-बीच हैं - घूंघट में रेबेका जिसे शीर्षक दिया गया हैं पर्दानशीं रेबेका। पारदर्शी घूंघट में से शर्मीला चेहरा नजर आ रहा हैं। सबसे बड़ी बात हैं तैयार किया गया घूंघट। पत्थर को इतना पतला किया गया हैं कि आँचल की लहरे भी स्पष्ट नजर आ रही हैं।

चौदहवी गैलरी में अस्त्र-शस्त्र हैं। फौजी पोषाके, भाले और अन्य शस्त्र, कवच आदि हैं। पंद्रहवी गैलरी में धातु की बनी वस्तुएं हैं। ताम्बा, जस से बने घरेलु उपयोगी बर्तन हैं जिसमे इत्रदान, पानदान, सुपारी वगैरह रखने की कलात्मक डिबियाएं आदि भी हैं। सोलहवी और सत्रहवी गैलरी चित्रकला की हैं जिसमे पुरानी पेंटिग और आधुनिक चित्रकारी भी हैं। प्रकृति के सुन्दर चित्र और पौराणिक कथाओं के भी चित्र हैं।

दाहिने छोर पर छठी और सातवी गैलरी में ताम्बे और संगमरमर की शिल्पकारी का संकलन हैं।

यहाँ का सबसे आकर्षक केंद्र हैं म्यूजिकल क्लॉक यानि संगीतमय घड़ी जो रेबेका गैलरी के सामने हैं जिसकी चर्चा अगले चिट्ठे में...

Advertisements

1 टिप्पणी »

  1. वन्दना said

    आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (9-5-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

    http://charchamanch.blogspot.com/

RSS feed for comments on this post · TrackBack URI

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s