हैदराबादी चाय

हैदराबादी चाय का अपना अलग अंदाज हैं, चाय का भी और उससे जुड़ी भाषा का भी।

हैदराबाद में हल्की (लाइट) चाय पसंद की जाती हैं। यहाँ चाय के लिए ट्रे की संस्कृति नही हैं यानि चाय तैयार होती हैं और सीधे छोटी सी छन्नी (छलनी) से छन कर कप में आ जाती हैं।

चाय बनाने का तरीका भी बहुत सीधा हैं। पानी गरम होने के लिए रखा कर उसमे शक्कर (चीनी) और चाय की पत्ती मिला दी जाती हैं। जब उकलने (उबलने) लगे तब उसमे दूध मिला दिया जाता हैं और छान कर सीधे कप में डाल दी जाती हैं।

यह तो हुई सादी चाय। कुल चार तरह की चाय का यहाँ चलन रहा - यह सादी चाय, सुलेमानी चाय, बुर्के वाली चाय और ईरानी चाय।

बिना दूध की चाय को सुलेमानी चाय कहते हैं। विधि वही हैं जो ऊपर बताई गई हैं।

जब ऊपर बताई विधि से चाय तैयार कर छान कर कप में डालने के बाद ऊपर से मलाई डाली जाती हैं तब इसे बुर्के वाली चाय कहते हैं यानि मलाई के पीछे छिपी चाय, हाँ, मलाई ज्यादा होनी चाहिए।

ईरानी चाय तो सभी जानते हैं, बहुत ज्यादा उबली (उकली) हुई चाय। लगातार गरम होते रहने से स्वाद भी थोड़ा बदल जाता हैं जिसके लिए उकलते समय ही इलाइची डाल दी जाती हैं जिससे स्वाद ठीक रहे।

सिर्फ इलाइची ही नही इलाइची के छिलकों का भी उपयोग किया जाता हैं। इलाइची के दानो का उपयोग करने के बाद केवल छिलके चाय की पत्ति के डिब्बे में रख दिए जाते हैं। इन छिलकों के रखा रहने से ही चाय की पत्ति में खुशबू आ जाती हैं। सिर्फ इस पत्ति के उपयोग से ही चाय में अच्छी खुशबू आती हैं और अगर चाय बनाते समय एकाध छिलका भी डाल दे तो खुशबू बढ़ जाती हैं।

अब बात करते हैं चाय से सम्बंधित हैदराबादी भाषा की। चाय यहाँ कप-सॉसर में पी जाती हैं। प्याला-तश्तरी भी कहा जाता हैं जिसमे तश्तरी शब्द बहुत ही कम चलता हैं, सॉसर ही बोला जाता हैं। लेकिन कप के लिए प्याला और छोटे आकार के कप के लिए प्याली कहा जाता हैं। इसके बहुवचन की शब्दावली बहुत मजेदार हैं। प्याला और प्याली के लिए शब्द ठीक हैं प्याले और प्यालियाँ कहा जाता हैं। लेकिन सॉसर के लिए सॉसरां कहा जाता हैं। वैसे कप के लिए भी कपां कहा जाता हैं। कप को कुछ लोग कोप भी कहते हैं और बहुवचन के लिए कोपां कहा जाता हैं।

चाय पीने के लिए अब भी कई लोग कप और सॉसर दोनों का उपयोग करते हैं, कप में से चाय सॉसर में डाली जाती हैं और सॉसर से पीते हैं।

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5 टिप्पणियाँ »

  1. sunil kumar said

    मैं भी हैदराबाद में रहता हूँ मगर चाय के बारे में इतनी गहन जानकारी नहीं थी ज्ञान बढ़ने के धन्यवाद

  2. krjoshi said

    हैदराबादी चाय के लिए धन्यवाद|

  3. स्‍वादिष्‍ट है यह चाय.

  4. बेहतर पोस्ट, अच्छी प्रस्तुति. बधाई!

  5. बेहतर प्रस्तुति!

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