हैदराबादी रसोई से दालचा

अपने पिछले एक चिट्ठे में मैंने खट्टी दाल बनाना बताया था, आज मैं दालचा बनाना बता रही हूँ. खट्टी दाल की तरह यह भी यहाँ लोकप्रिय और पारंपरिक व्यंजन हैं.

इसके लिए सामग्री हैं -

100 ग्राम मसूर (माष) की दाल, एक मध्यम आकार का कद्दू (जो लंबा हरा होता हैं जिसे शायद कुछ क्षेत्रो में लौकी कहते हैं), चार टमाटर, एक मध्यम आकार का अदरक, एक छोटा चम्मच मेथी, राई और जीरा के दाने मिलाकर, दो सूखी लाल मिर्च, एक छोटा चम्मच हल्दी, चुटकी भर हिंग, स्वाद के अनुसार नमक, एक बड़ा चम्मच तेल, थोड़ा सा हरा मसाला यानि कोथमीर (हरा धनिया), पोदिना और करयापाक (करी पत्ता)

अगर आप पसंद करते हो तो एक बड़ा चम्मच घी

एक प्याज, एक बड़ा चम्मच प्याज का पेस्ट, एक छोटा चम्मच लहसुन-अदरक का पेस्ट, तीन चार लहसुन की कलियाँ, अगर आप नही लेना चाहे तो ये चीजे न ले.

विधि -

कदू का छिलका निकाल कर तीन-चार इंच लम्बाई के टुकड़ो में काट ले और टुकडे मोटे रखे क्योंकि पकाने के बाद टुकडे नरम हो जाते हैं और आकार में छोटे लगते हैं. हर टमाटर के चार टुकडे करे. अदरक को घिस ले यानि कदू कस कर ले. बेहतर होगा अदरक के छोटे टुकडे न करे क्योंकि टुकडे अक्सर मुंह में आने लगते हैं जिससे स्वाद में फर्क आता हैं.

दाल, कदू, टमाटर के टुकडे, घिसा अदरक, हल्दी और नमक मिलाकर पका ले. पकने के बाद चम्मच से कदू के टुकड़ो को बचाते हुए अच्छी तरह हिलाए जिससे दाल, टमाटर एक रस हो जाए यानि अच्छे घुलमिल जाए पर ध्यान रहे कदू के टुकड़ो को चम्मच भी लगाने से टुकडे टूटने का डर रहता हैं.

अब पानी इतना मिलाए कि दाल पतली भी न रहे और बहुत गाढी भी न हो.

अब भगार या बघार करना हैं यानि छौंक लगाना हैं. इसके लिए कढ़ाई में तेल गरम करे. जीरा, राई, मेथी के दाने डाले, सूखी लाल मिर्च डाले, प्याज के लम्बे पतले कटे टुकडे, लहसुन की कलियाँ डाले और सुनहरा होने तक भूने. प्याज का पेस्ट डाले जिसके लिए प्याज का छिलका निकाल कर प्याज को पीस ले, पेस्ट बन जाएगा. जब गुलाबी होने लगे तब लहसुन-अदरक का पेस्ट मिलाए और थोड़ा भूने. अब इसमे हिंग और लाल मिर्च पाउडर मिला दे.

इसे दाल में डाले और दाल को उकलने (उबलने) के लिए रख दे. ढक दे. एकाध बार किनारे से चम्मच डाल कर हल्का हिलाए जिससे भगार खराब न हो और दाल नीचे तली पर न लगे. जब उकलना शुरू हो जाए तब ढक्कन हटा दे ताकि उबाल की तेजी से दाल, भगार यानि रोगन बाहर बहने न लगे.

जब खूब उकलने लगे तब घी मिला दे. एक मिनट के बाद हरा मसाला बिखरा दे, चाहो तो चम्मच से हल्के हरा मसाला मिला दे और आंच से हटा ले और ढक दे जिससे भाप अन्दर बनी रहेगी और हरा मसाला भी दाल में मिलने लगेगा. पांच मिनट बाद परोसे. सोंधी खुशबू आएगी. चाहे तो रोटी के साथ खाए या चावल के साथ खाए.

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2 टिप्पणियाँ »

  1. वाह मुँह मे पानी लाऊ रेसेपी है

  2. रवि said

    वाह सुपर्ब ……,,.

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