हैदराबादी खट्टी दाल

आज हम आपको बता रहे हैं हैदराबाद की रसोई में बनाई जाने वाली खट्टी दाल. सामग्री इस तरह हैं -

100 ग्राम अरहर की दाल, एक चम्मच इमली, एक चम्मच तेल, एक प्याज, एक चम्मच प्याज का पेस्ट, एक चौथाई चम्मच लहसुन और अदरक का मिला कर बनाया गया पेस्ट, दो-तीन सूखी लाल मिर्च, एक छोटा चम्मच जीरा, राई, मेथी के दाने मिलाकर, आधा छोटा चम्मच जीरा पाउडर, आधा छोटा चम्मच राई पाउडर, आधा छोटा चम्मच मेथी पाउडर, चुटकी भर हिंग, एक चौथाई छोटा चम्मच हल्दी, नमक और मिर्च पाउडर स्वाद के अनुसार, कोथमीर (हरा धनिया), पुदीना और करयापाक (करी पत्ता) - इन तीनो को हरा मसाला कहते हैं.

अगर आप प्याज लहसुन नही लेना चाहते हो तो न ले.

बनाने की विधि - दाल बनाने से आधा घंटा पहले इमली को भिगो दे.

अरहर की दाल पका ले. इसमे थोड़ा पानी दाल कर चम्मच जोर से चलाए जिससे दाल अच्छी तरह घुट जाएगी और एक रस हो जाएगी. इसमे इमली का पानी दाल दे. इमली में थोड़ा और पानी डाल कर हाथ से थोड़ा मसक ले जिससे अच्छा खट्टा निकला आएगा. इस तरह दो-तीन बार निकाला गया खट्टा मिलाए. फिर इसमे इतना पानी मिलाए कि दाल बहुत गाढी भी न हो और बहुत पतली भी न हो. इसमे नमक मिला दे.

अब बघार करना हैं जिसे हैदराबाद में भगार भी कहते हैं यानि छौंक लगाना हैं.

तेल गरम करे. इसमे जीरा, राई, मेथी के दाने डाले. दाने चटकने पर सूखी लाल मिर्च डाले. अब प्याज के लम्बे पतले कटे टुकडे डाले. प्याज गुलाबी भुन जाने पर प्याज का पेस्ट डाले और गुलाबी होने तक भूने फिर लहसुन अदरक का पेस्ट डाल कर थोड़ा भून ले. अब जीरा, राई, मेथी का पाउडर, डाले फिर हिंग और मिर्च पाउडर डाले, फिर हल्दी डाल कर पूरे छौंक को दाल में डाल दे.

अब दाल को आंच पर रख दे और ढक दे. कुछ देर बाद किनारे से चम्मच डाल कर हल्का हिलाए ताकि छौंक बिखरे नही. इस तरह ऊपर जमे छौंक को हैदराबाद में रोगन कहते हैं. इस तरह दो-तीन बार थोड़ी-थोड़ी देर चम्मच से हिलाए. जब दाल उकलने (उबलने) लगे तब ढक्कन हटा दे.

जब दाल खूब उकलने लगे तब ऊपर से कोथमीर (हरा धनिया), पुदीना, करयापाक बिखरा दे और आंच से हटा कर ढक दे. पांच मिनट तक ढका रहने दे जिससे कोथमीर, पुदीना, करयापाक गरम दाल में मिल जाएगा फिर ढक्कन हटा दे, सोंधी खुशबू आएगी. अब परोसे.

सर्दी का मौसम हो तो टमाटर के खट्टे की खट्टी दाल बनाई जाती हैं. इस मौसम में यहाँ टमाटर बहुत अच्छे मिलते हैं. दाल को छोटे दो-तीन टमाटर के साथ पकाए. यहाँ इमली की जरूरत नही हैं. शेष विधि वैसी ही हैं.

गर्मी के मौसम हो तो कैरी (कच्चा आम) के खट्टे की खट्टी दाल बनाई जाती हैं. दाल को एक मध्यम आकार की कैरी के साथ पकाए. पकने के बाद कैरी को हाथ से मसल दे जिससे खट्टा निकल आएगा. दो-तीन बार कैरी पर थोड़ा पानी डाल कर मसले, पूरा खट्टा निकल आएगा. यहाँ इमली की जरूरत नही हैं. शेष विधि वैसी ही हैं.

इसे चावल या रोटी के साथ खाए. बहुत स्वादिष्ट लगता हैं.

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1 टिप्पणी »

  1. sushil said

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