हिमायत सागर

इस बार यहाँ हैदराबाद में मानसून अच्छा रहा. खूब बारिश हुई. जलाशय पानी से भर गए.

वैसे भी सावन में घूमने फिरने का रिवाज हैं खासकर हरियाली पर. हम भी पहुंचे घूमने, हरियाली पर चलने और जलाशय देखने.

हैदराबाद में तीन बड़े जलाशय हैं. तीनो का ही नाम हैदराबाद रियासत के अंतिम शासक और उनके फरजंद (सुपुत्रों) के नाम से हैं. एक शहर से दूर गोलकुंडा किले के पास हैं जिसका नाम उस्मान सागर हैं जो शासक मीर उस्मान अली पाशा के नाम पर हैं. इसी से थोड़ी दूर पर हैं हिमायत सागर और शहर के बीचो-बीच हैं हुसैन सागर. हिमायत और हुसैन दोनों उनके सुपुत्रों के नाम हैं. इन तीनो जलाशयों के नाम के साथ सागर जुडा हैं पर ये बड़ी झील माने जाते हैं.

सबसे पहले हम पहुंचे हिमायत सागर जो हैदराबाद से 30 कि.मी. दूर हैं.

यह हैं जलाशय -

यहाँ केवल संकरा पुल हैं. यातायात भी यहीं से गुजरता हैं जिससे कुछ देर टहल सकते हैं पर अधिक समय रूकने के लिए यहाँ कोई स्थान नहीं हैं. जहां जलाशय समाप्त होता हैं वहां घने पेड़ो से लदा स्थान हैं -

यहाँ कुछ देर रूक कर हम आगे बढे और पहुंचे उस्मान सागर जिसकी चर्चा अगले चिट्ठे में...

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