त्रिशक्ति पीठम, गायत्री मंदिर और राजेश्वरी मंदिर

विजयवाड़ा में अन्य मंदिर भी महत्वपूर्ण हैं.

कनक दुर्गा मंदिर के पास ही हैं गायत्री मंदिर. छोटा सा मंदिर हैं जिसमे गायत्री माँ की पंचमुखी विशाल मूर्ति हैं, पहले माले पर स्थित हैं यह मंदिर. आमतौर पर गायत्री मंदिर कम ही हैं इसीसे यह मंदिर महत्वपूर्ण लगा.

एक और महत्वपूर्ण मंदिर हैं - त्रिशक्ति पीठम -

माना जाता हैं कि यहाँ सरस्वती, लक्ष्मी और पार्वती तीनो ने एक साथ तपस्या की थी. इस स्थान पर इस मंदिर का नवनिर्माण किया गया हैं. तीनो की विशाल पारंपरिक मुद्राओं में मूर्तियाँ अलग-अलग गर्भ गृह में हैं. बीच में लक्ष्मी जी, दाहिनी ओर सरस्वती जी और बाई ओर हैं पार्वती जी.

यह सभी मंदिर पास-पास हैं पर राजेश्वरी मंदिर दूरी पर हैं. नया बना यह चमचमाता मंदिर हैं. निर्माण में लगा बहुत मंहगी सामग्री का प्रयोग किया गया. फर्श तक खूब चमकदार हैं. गणपति की मूर्ति हैं. माँ दुर्गा की विशाल मूर्ति हैं. सबसे आकर्षक हैं शिवलिंग जो हिमलिंग सा हैं. सफ़ेद चमचमाते पत्थर से बना हैं यह शिवलिंग.

सभी मंदिरों में दर्शन के बाद हम मोगल राजपुरम गुफाएं देखने गए जिसकी चर्चा अगले चिट्ठे में...

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