साईंबाबा मन्दिर परिसर में देवी-देवता

शिरडी में साईंबाबा के मन्दिर में सबसे पहले द्वारकामाई के दर्शन किए जाते है।

द्वारकामाई के पहले पास ही है हनुमान जी का मन्दिर। छोटा सा मन्दिर है। भीतर हनुमान जी की मूर्ति है। मूर्ति पर सिन्दूर और तेल चढाने की सुविधा है।

मन्दिए के पास ही है पीपल का वृक्ष। हम जिस दिन गए उस दिन शनिवार था। शनिवार को शाम के समय पीपल के पेड़ के पास रखी छोटी सी हनुमान जी की मूर्ति और नौग्रह की मूर्तियों के पास दिया जलाया जाता है।

विशेष प्रकार के मिट्टी के बने छोटे-छोटे कलात्मक दिए बिक रहे थे। पाँच रूपए में एक दिया तेल और बाती के साथ खरीदकर यहाँ जलाया जा सकता है।

समाधि मन्दिर देखने के बाद भीतर परिसर में तीन छोटे-छोटे मन्दिर है। एक मन्दिर से दूसरे मन्दिर में जाने के लिए भीतर से रास्ता भी है। यहीं पर पूजा की सामग्री भी बिक रही थी।

पहला मन्दिर है प्रथम देवता गणेश जी का जिसके बाद शिवजी के मन्दिर में शिवलिंग है और उसके बाद है पार्वती जी का मन्दिर।

परम्परा के अनुसार शिव जी के मन्दिर के बाहर नन्दी विराजमान है।

पार्वती जी के मन्दिर के बाहर शेर की मूर्ति है। पार्वती का रूप है दुर्गा और शेर दुर्गा माता की सवारी है। पर यहाँ जिस शेर की मूर्ति है उसकी अलग ही कहानी है।

साईंबाबा के भक्तों की कहानियों में से एक कहानी यह भी है कि एक बार एक व्यक्ति एक बूढे शेर को लेकर उनके पास आया और कहने लगा कि वह उस शेर का मालिक है। उसने बताया कि अब शेर बीमार और सुस्त हो गया है। वह चाहता है कि बाबा शेर को ठीक कर दे।

बाबा ने कुछ पल शेर को देखा। कहते है कि कुछ क्षणों तक साईंबाबा और शेर आमने सामने आँखों में आँखें डाले रहे फिर शेर ने अपनी पूँछ तीन बार ऊपर उठाई और वहीं ढेर हो गया। इस तरह हुई शेर की मृत्यु को कहानी के अनुसार शेर की मुक्ति माना जाता है।

यहाँ शेर की तस्वीरें भी बिक रही थी। कुछ तस्वीरों में शेर और बाबा को आमने-सामने दिखाया गया है। यह सब भीतरी परिसर में होने से तस्वीरें नहीं ली जा सकी।

मन्दिर परिसर की शेष बातें अगले चिट्ठे में…

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4 टिप्पणियाँ »

  1. इस भारत यात्रा के दौरान शिरडी गया था, यादें ताजा हो रही हैं. आभार.

  2. Annapurna said

    धन्यवाद समीर जी !

  3. very good information thanks

  4. समीर जी
    आपको लाख लाख बधाइयां बाबा के बारे मे प्रकाशित करने के लिये,बाबा को आपने साक्षात्कारिक रूप मे देखा है,यह आपका बहुत बडा सौभाग्य है।

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