श्रीशैलम में सावन और श्रावण

सावन में नदी, पर्वत, घाटियाँ, हरियाली बहुत लुभाते है। सावन के महीने में ऐसे स्थानों पर जाना और नंगे पैर हरियाली पर चलना अच्छा माना जाता है।

तीज मनाना, झूला झूलना इन्हीं दिनों में होता है। सावन शब्द वास्तव में श्रावण है। श्रीशैलम में सावन और श्रावण दोनों है।

कृष्णा नदी की पहली झलक देखते हुए हम आगे बढे और देखा कृष्णा बाँध जो कृष्णा डैम या कृष्णा रीवर डैम के नाम से मशहूर है -

रूई के गोलों की तरह पानी जो आगे बढ कर सफ़ेद धुँआ हो जाता है -

नदी में गिरते पानी का शोर अच्छा लगता है। सफ़ेद झक लगता है गिरता पानी और यहाँ नदी भी दुधिया लगती है जिस पर हल्की धूप पड़ने से नदी में इन्द्रधनुष दिखने लगता है -

यही है पहला नरीमन प्वाइंट। यहाँ आइसक्रीम, कूल ड्रिंक जैसी सभी चीज़े मिलती है। पूरी चढाई में ऐसे चार नरीमन प्वाइंट्स है।

यह देखिए पूरी रवानगी से बहती कृष्णा नदी जो यहाँ मटमैली लग रही है -

मटमैलेपन का कारण है इसमें जाल डालकर मछलियाँ पकड़ना, बोटिंग करना।

इसी सारे रास्ते में मन्दिर और पवित्र स्थल भी है पर पहले चोटी पर स्थित मुख्य मन्दिर में पूजा-अर्चना की जाती है फिर लौटते समय उन पुण्य स्थलों को देखा जाता है। इस तरह जाते समय सावन का आनन्द और लौटते समय श्रावण का आनन्द लिया जाता है।

जो सिर्फ़ पिकनिक के लिए श्रीशैलम आते है वे पहले या दूसरे नरीमन प्वाइंट्स तक ही आते है। इसीलिए यहीं पर ठहरने के लिए लाँज और एकाध होटल भी है और इसके बाद ऊपर प्रमुख मंदिर तक कुछ भी नहीं है।

यहाँ मैं आपको एक बात बता दूँ कि आन्ध्रप्रदेश में विशेषकर हैदराबाद में स्कूल, काँलेज और घर-परिवार से भी सिर्फ़ पिकनिक के लिए भी श्रीशैलम जाते है।

अगले चिट्ठे में श्रावण का आनन्द।

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4 टिप्पणियाँ »

  1. hum shaayad junglon aur ghation ke raste wahan pahunche.wo rasta bhi behad khoobsurat tha,sirf pahad,jungle aur tikhe modon waala.par aapka bataya rastaa us se bhi khoobsurat hai.sach me aapka yatra writant padh kar ek baar phir bhole shankar ke darshan ki ichha jagrit ho gaye hai is baar jaroor krishna ke kinare kinare drive ka mazaa lenge ,mahadev ne chaha to.badhai aapko safar ki sundarto ko shabdon aur chitron me utarne ki liye

  2. बहुत बढिया! सुन्दर चित्रों सह्त अच्छी प्रस्तुति है।आभार।

  3. sameerlal said

    अच्छा चित्रमय वृतांत..आभार.

  4. Annapurna said

    धन्यवाद अनिल जी परमजीत जी समीर जी !

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