शहर बना टीपू सुल्तान का महल

टीपू सुल्तान का मकबरा देख कर हम बाहर निकले। आस-पास नज़र दौड़ाई तो माहौल देख कर लगा कि यह पुराना शहर है।

आगे बढे तो गलीनुमा सड़कें दिखाई दी। इक्का-दुक्का ताँगें भी दौड़ रहे थे। हमें पता चला कि यह टीपू सुल्तान का महल ही है जिसमें अब शहर बस गया है।

कुछ दूर आगे बढे तो दाहिनी ओर नज़र आई मस्जिद जिस पर अंग्रेज़ी और उर्दू मे लिखा था जामी मस्जिद। इसी मस्जिद में टीपू सुल्तान नमाज़ अदा करते थे। इस मस्जिद को सजाया संवारा गया है क्योंकि खंडहर जैसी नहीं लगी।

आगे बहुत दूर निकल आने पर बाईं ओर पत्थरों से बना बड़ा घर जैसा लगा जो खंडहर हो चला था। यहाँ अंग्रेज़ी में किखा था वाटर हाउज़। बताया गया कि यह टीपू सुल्तान का स्नानघर था।

वाटर हाउज़ से थोड़ा आगे वह स्थान है जहाँ टीपू सुल्तान ने यह संसार छोड़ा जिसकी चर्चा अगले चिट्ठे में…

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3 टिप्पणियाँ »

  1. बढ़िया. कुछ फोटो भी लगाईये महल में शहर की. 🙂

  2. mehek said

    bahut hi badhiya,aage ka intazaar hai

  3. Annapurna said

    धन्यवाद समीर जी, महक जी

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