नवरात्र व्रत आहार

नवरात्र में व्रत या उपवास किया जाता है। व्रत में केवल फलाहार लिया जाता है या एक समय भोजन किया जाता है।

नवरात्र के भोजन में अनाज जैसे चावल, गेहूँ, जवार, बाजरा नहीं खाया जाता। हम यहाँ एक बात बता दें कि वैदिक ग्रंथों में कन्द मूल फल को ही भोजन माना गया है। नवरात्र में यही खाया जाता है। इसमें ऊर्जा देने वाली कार्बोहाइड्रेड और वसा अधिक होती है।

भोजन में महत्वपूर्ण होती है रोटी। इन दिनों में राजगिरे या सिंघाड़े की रोटी खायी जाती है।

राजगिरा सामन्य नाम है और वैज्ञानिक नाम है एमरेन्थस पैनिक्यूलेटस। राजगिरे के दाने होते है जिन्हें पीस कर इस आटे की रोटी या पूड़िया बनाई जाती है। इसके 100 ग्राम में कैरोटीन 14190 म्यू ग्राम होता है।

सिंघाड़ा सामान्य नाम है जिसे संस्कृत में त्रिकोणफलम कहते है और वैज्ञानिक नाम है ट्रापा बायस्पायनोसा। तालाब या पानी के स्थानों पर सिघाड़े की बेलें होती है। इसीलिए इसमें खनिज लवण बहुत होते है और खारा पानी भी बहुत होता है।

100 ग्राम सिघाड़े में प्रोटीन 3 वसा 15 और कार्बोहाइड्रेड 50 ग्राम से अधिक होता है। इसमें लगभग सभी पोषक तत्व होते है जैसे विटामिन, लोहा, कैल्शियम, सोडियम, फास्फोरस, मैगनीज़, पोटैशियम, आयोडिन। इसीलिए सिंघाड़े से लगभग 117 कैलोरी ऊर्जा मिलती है।

यह सर्दियों में होता है। इसका नुकीला, कठोर काला छिलका तोड़ कर भीतर की सफ़ेद नर्म गिरी खाई जाती है। इसी को सुखा कर मसल देने से इसका आटा बन जाता है।

सिंघाड़े के आटे की पूड़ियां बनाई जाती है। लेकिन इस आटे का हलवा बहुत स्वादिष्ट होता है।

इन रोटियों और पूड़ियों के साथ साग के लिए दो कन्द का प्रयोग किया जाता है - आलू और अरवी

आलू का वैज्ञानिक नाम सोलेनम ट्यूबरोसस है। इसमें 8.5% प्रोटीन, 2% पचाने वाला रेशा और 1% लवण होते है।

इसके अलावा कैल्शियम, लोहा, फास्फोरस, मैग्नीशियम, पोटैशियम साल्ट, विटामिन बी और सी तथा पानी 70% तक होता है पर वसा बिल्कुल भी नहीं होती है। 100 ग्राम आलू में 87 किलो कैलोरी ऊर्जा होती है।

अरवी का वैज्ञानिक नाम कोलोकेसिया एसक्यूलेन्टा है। इसमें कैल्शियम 227, आयरन 10, विटामिन सी 12 मिली ग्राम होता है और बीटा कैरोटीन अधिक 10278 म्यू ग्राम होता है।

आलू और अरवी में शक्कर की मात्रा अधिक 19% तक होती है इसीलिए मधुमेह (डायाबिटिस) के रोगियों को आलू और अरवी खाने की मनाही है।

अरवी का दही का साग व्रत में बहुत पसन्द किया जाता है।

दही में उपलब्ध प्रोटीन अधिक गुणकारी होता है इसीलिए थोड़ा सा दही खाने से भी पेट भरा लगता है। इसमें हल्का सा खट्टा स्वाद होता है जिससे प्यास अधिक नहीं लगती। इन्हीं कारणों से व्रत में दही का प्रयोग किया जाता है। नवरात्र में एक ही समय भोजन करते है इसीलिए दही लेना ठीक रहता है।

दही में 3% प्रोटीन 4% वसा 3% कार्बोहाइड्रेड होता है। कैल्शियम अधिक होता है जिसकी मात्रा 100 ग्राम दही में 150 मिली ग्राम तक होती है। दूध में उपलब्ध विटामिन बी दही में दुगुना हो जाता है। दही से 60 किलो कैलोरी ऊर्जा मिलती है।

आलू, अरवी और दही में इतने अधिक पोषक तत्व होते है कि अगर दो-तीन आलू या अरवी थोड़े से दही में मिलाकर खा लिए जाए तो यह संपूर्ण आहार होता है।

Advertisements

6 टिप्पणियाँ »

  1. mehek said

    wow what a informative and nice post,annapurna ji bahut badhai itni achi post ke liye,rajgire ki vadi hame bahut pasand hai:)

  2. Nikhil Swami said

    di gaye Information useful hai. falahar ke sath konsa salt liya jata hai & Kyo?

  3. Nikhil Swami said

    di gaye Information useful hai. falahar ke sath konsa salt liya jata hai & Kyo? Plz Ans.

  4. annapurna said

    निखिल जी, आप की टिप्पणी मैंने आज ही देखी है.

    व्रत के आहार में सामान्य नमक नही लिया जाता है. इसका एक कारण यह है कि यह नमक समुद्र के पानी से बनता है. समुद्र में विभिन्न जीव-जंतु निवास करते है. दूसरा वैज्ञानिक कारण यह है कि नमक सोडियम क्लोराइड है जिसका असर हमारे रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) पर होता है. व्रत में कुछ लम्बे समय तक भूखे रहने के बाद आहार लेते है अगर ऐसे में सामान्य नमक (सोडियम क्लोराइड) लिया जाए तो रक्तचाप प्रभावित हो सकता है. इसीलिए सेंधा नमक व्रत में लेते है जो गहरे रंग का होने से काला नमक भी कहलाता है, यह समुद्र के पानी से नही बनता. यह लवणीय होने से इसका स्वाद नमकीन होता है और सोडियम क्लोराइड न होने से रक्तचाप को प्रभावित नही करता.

  5. sunil kumar Bharti said

    In the Up side information is usefull for health, if everyone do it. But here Ek baat meri samajh me nahi aati ki kuch log navratron me 1st & Last ka hi fast kyun rakhte hain? Sabhi kyon nahi? Esa jaruri hai? yadi koi jaruri nahi hai to plz satisfaction ke liye batyen.

  6. anug said

    सुनील जी, वास्तव में व्रत पूरे नौ दिन रखा जाता हैं, पर कुछ लोगो के लिए यह संभव नही हो पाता जैसे दैनिक भोजन की आदत होती हैं और अन्य तरह के भोजन से कठिनाई होती हैं, अन्य कारण भी हैं इसीसे पहले दिन यानि नवरात्र की शुरूवात, घट स्थापना के दिन और अंतिम दिन, माता की विदाई के दिन व्रत रखा जाता हैं।

RSS feed for comments on this post · TrackBack URI

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s