नवरात्र का फल – अंजीर

उगादी या युगादी यानि एक वर्ष का अंत हो कर नए वर्ष की शुरूवात जो हिन्दुओं का वर्ष माना जाता है जिसे विक्रम संवतसर कहते है।

इसका पहला महिना है चैत्र और इसकी शुरूवात होती है नवरात्र से। नवरात्र में माँ दुर्गा के विभिन्न रूपों की आराधना की जाती है।

माँ दुर्गा शक्तिदायिनी है। इसीलिए इस पूजा के फलों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण है अंजीर।

अंजीर बेचने वाले भी यही कहकर बेचते है कि अंजीर खाने से रक्त बढता है। ताज़े फल साल भर नहीं मिलते लेकिन इन फलों का मौसम साल में दो बार जुलाई से और जनवरी से शुरू होता है इसीलिए दोनों नवरात्र - वसंत नवरात्र जो अब है और दशहरा की नवरात्र में यह फल उपलब्ध रहता है।

वैसे सूखे मेवों में सूखा अंजीर हमेशा ही मिलता है। नवरात्र की पूजा में सुबह और संध्या दोनों समय की पूजा में सूखे और ताज़े अंजीर दोनों ही चढाए जाते है और प्रसाद के रूप में खाए जाते है।

ताज़े अंजीर छिलका निकाल कर खाए जाते है। सूखे अंजीर को 6-8 घंटे पानी में भिगा कर रखा जाता है जिससे अंजीर एकदम नरम हो जाते है फिर इस अंजीर को खाने के बाद उस पानी को भी पी लेना चाहिए जिसमें यह भिगाया गया है।

इसका सबसे बड़ा गुण यह है कि यह रक्त को बढाता है। आयुर्वेद ने कई रोगों के लिए इसे एक अच्छी औषधि माना है। लेकिन मधुमेह (डायाबिटिस) के रोगियों को इससे दूर रहने की सलाह दी है क्योंकि यह सभी फलों में सबसे मीठा फल है जिसका कारण है इसमें 83% शक्कर होती है।

अंजीर में विटामिन ए बी सी तीनों होते है और साथ में रेशा और कैल्शियम भी होता है। एक अंजीर में लगभग 30 कैलोरी ऊर्जा होती है जबकि प्रतिदिन आहार से हम औसत 2400 किलो कैलोरी ऊर्जा लेते है।

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6 टिप्पणियाँ »

  1. kakesh said

    सही है..ज्ञानवर्धक.

  2. mehek said

    bahut achhi jankari,navratri ki badhai.

  3. अच्छी जानकारी दी भाई आपने और बिल्कुल सही समय पर. आलू-गोभी इतने महंगे होते जा रहे हैं की लगता है अब तो अंजीर ही कहानी पड़ेगी.

  4. parulk said

    nice post

  5. prem said

    i want to know that is this also good for underweight people? if yes then how?

  6. Annapurna said

    प्रेम जी, हमने लिखा कि अंजीर खाने से रक्त बढता है। अंजीर खाने की सलाह सभी के लिए है केवल मधुमेह (डायबिटीज़) के रोगियों को छोड़ कर क्योंकि इसमें शर्करा बहुत होती है।

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