कवि का नाम मैं भूल रही हूँ

हमारे समाज में कुछ ग़ैर फ़िल्मी गीत भी बहुत लोकप्रिय हुए है।

स्कूल-कालेजों के समारोहों से लेकर देश के विभिन्न समारोहों में ये गीत प्रस्तुत किए गए। इतना ही नहीं आकाशवाणी और दूरदर्शन से भी इनका प्रसारण होता रहता है।

एक ऐसा ही गीत आज मैं प्रस्तुत कर रही हूँ जो मूल रूप से अंग्रेज़ी भाषा का गीत है जिसका हिन्दी में अनुवाद गिरिजा कुमार माथुर ने किया है। प्रस्तुत है गीत -

हम होंगे कामयाब

हम होंगे कामयाब एक दिन
मन में है विश्वास पूरा है विश्वास
हम होंगे कामयाब एक दिन

हम चलेंगे साथ-साथ डाल हाथों में हाथ
हम चलेंगे साथ-साथ एक दिन
मन में है विश्वास पूरा है विश्वास
हम चलेंगे साथ-साथ एक दिन

होगी शान्ति चारों ओर
होगी शान्ति चारों ओर एक दिन
मन में है विश्वास पूरा है विश्वास
होगी शान्ति चारों ओर एक दिन

नहीं डर किसी का आज
नहीं भय किसी का आज के दिन
मन में है विश्वास पूरा है विश्वास
नहीं डर किसी का आज के दिन

इस गीत को लिखने वाले अंग्रेज़ी कवि का नाम मैं तो भूल रही हूँ अगर आप जानते है तो बताइए…

Advertisements

6 टिप्पणियाँ »

  1. we shall overcome, we shall overcome
    we shall overcome some day
    Oh, deep in my heart, I do believe
    we shall overcome some day

    we’ll walk hand in hand, we’ll walk hand in hand,
    we’ll walk hand in hand, some day
    Oh, deep in my heart, I do believe
    we’ll walk hand in hand, some day

    we are not afraid, we are not afraid,
    we are not afraid, today
    Oh, deep in my heart, I do believe
    we are not afraid, today

    we shall live in peace, we shall live in peace,
    we shall live in peace, some day
    Oh, deep in my heart, I do believe
    we shall live in peace, some day

    अंग्रेजी में कवि का नाम विवादित है. ज्यादा जानकारी के लिये विकि http://en.wikipedia.org/wiki/We_Shall_Overcome देखिये.

  2. mehek said

    bachpan ka sabse pasandida gana yaha dene ke shukriya annapurnaji,bahut aashavadi hai,sundar

  3. Oh so nice to see this Song. The english version is We Shall Overcome written by Pete Seeger

  4. Annapurna said

    समीर जी मूल अंग्रेज़ी गीत लिखने के लिए धन्यवाद !

    राजेश जी कवि का नाम बताने के लिए धन्यवाद !

    महक जी मुझे अच्छा लगा कि आपको बचपन याद आ गया ।

  5. गीत अनगिनत बार सुना और गाया है, लेकिन आज जब यहां इसे मूल के साथ मिलाकर याद किया तो मन बरबस इसके अनुवादक गिरिजाकुमार माथुर के प्रति सम्मान और श्रद्धा से भर उठा. क्या किसी पद्य रचना का ऐसा अनुवाद भी हो सकता है? सलाम गिरिर्जा कुमार जी(की स्मृति) को.

  6. akash said

    aaj too maje aaa gaye

RSS feed for comments on this post · TrackBack URI

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s