मदुरै में मीनाक्षी मन्दिर में देवी मीनाक्षी (पार्वती जी) के दर्शन के बाद हम आगे बढे सुन्दरेश्वर (शिव जी) के दर्शन के लिए।
प्रवेश द्वार पर 12 फीट ऊँची द्वारपालकों की सजीव मूर्तियाँ है। शिल्पकारी का बेजोड़ नमूना देवी सरस्वती, काशी विश्वनाथ, भिक्षाटन शिवजी, दुर्गा आदि की के रूप देखते हुए हम आगे बढे। आगे है नटराज। बहुत भव्य मूर्ति है - अपना दाहिना पैर उठाए शिवजी नृत्य करते प्रतीत होते है। आगे गर्भगृह में 64 भूतगण, 8 हाथी और 32 शेरों की आकृतियाँ देखने के बाद हमने दर्शन किए शिवलिंग के।
इस तरह मन्दिर में मीनाक्षी-सुन्दरेश्वर के दर्शन करने के बाद हमने प्रसाद लिया। प्रसाद में लड्डू, वड़ा, भात दिया गया।
प्रसाद लेने के बाद थोड़ा आगे बढने पर हमें दुकाने सजी मिलती है जहाँ देवी-देवताओं की मूर्तियाँ, किताबें, आडियो-वीडियो कैसेट और इसके अलावा चूड़ियाँ, बिन्दी आदि भी बिक रहे थे। यहाँ से आगे बाहर जाने के लिए द्वार है पर उससे पहले है सहस्त्र स्तम्भ मन्दिर। यहाँ वास्तव में 985 स्तम्भ है जो किसी भी कोण से देखने पर सीध में दिखाई देते है। बाहर से भी इसका कुछ भाग देखा जा सकता है -

यहाँ अर्जुन, कलिपुरूष, वीणापाणी, रति, मोहिनी के कला शिल्प है और नटराज की कोमल मूर्ति एक अलग मण्डप में है।
मीनाक्षी मन्दिर परिसर के चारों ओर गलियारे में छोटी बड़ी मीनारे है जिनमें चार मीनारे बड़ी नौ छतों वाली है और इसमें से दक्षिणी मीनार सबसे बड़ी 160 फुट ऊँची है। उत्तर की मीनार से 5 स्तम्भ लगे है। हर स्तम्भ में 22 छोटे स्तम्भ एक ही शिला को तराश्कर बनाए गए है। इन्हें थपथपाने से मधुर ध्वनि सुनाई देती है। इसीलिए इन्हें संगीतात्मक स्तम्भ कहते है।
यहाँ से निकल कर हम चले पड़े एक और मन्दिर देखने जिसका नाम बोलना कठिन है - तिरूप्परंकुन्रम मन्दिर जिसकी चर्चा अगले चिट्ठे में…
कौतुक [Kaotuka] said
तस्वीरें कहाँ हैं?
तस्वीरों के बिना मजा नहीं आ रहा. इन्तजार रहेगा.
annapurna said
तकनीकी खराबी से तस्वीर जब नही दिख रही थी, अब देखिए.
जैसा की मैंने पिछले चिट्ठे पर टिप्पणी में लिखा कि अन्दर बहुत अच्छी तस्वीरे ली जा सकती थी पर हमने सोचा इतने प्रसिद्द मंदिर का भीतरी भाग कायदे से तस्वीरों में नही आना चाहिए इसीलिए भीतर की तस्वीरे ली ही नही.
PN Subramanian said
मिनाक्षी मंदिर का बहुत ही सुन्दर वर्णन किया है आपने. आभार.
मनीष said
संगीतात्मक स्तंभ से जुड़ी जानकारी रोचक लगी।
समीर लाल said
बड़ी पुरानी याद ताजा हुई.
लावण्या said
Thanx Nice write up
anjali said
where is photos……?