बैंग्लोर का तकनीकी संग्रहालय

शिव मंदिर से निकल कर हमने दोपहर का भोजन किया फिर तकनीकी संग्रहालय देखने गए।

सबसे पहले हमने देखें पुराने इंजन। एक गाड़ी का माडल देखिए

फिर ऊपर पहले तल पर पुराने ज़माने में उपयोग में आने वाली मशीनें देखी। सिलाई मशीनों पर एक नज़र

पुराने माडल के टेलीफोन

पुरानी तकनीक का अच्छा संग्रह है यहाँ पर आधुनिक तकनीक देख कर हमें बहुत निराशा हुई। एक ही माडल अच्छा लगा - डायनासोर शो जिसमें एक कक्ष में एक डायनासोर रखा है। यहाँ आवाज़ की इलेक्ट्रानिक पद्धति का अच्छा प्रयोग हुआ है।

तेज़ आवाज़ के साथ डायनासोर का मुख आपकी ओर बढता हुआ खुलने लगता है। ऐसे लगता है जैसे डायनासोर आपको खाने आ रहा है। फिर कुछ समय बाद धीरे से गर्दन पीछे हटती है और मुँह बन्द हो जाता है।

इसके अलावा भौतिकी के सिद्धान्तों पर आधारित खेल भी है। 45 मिनट का 3 डी शो भी है।

लेकिन आधुनिक तकनीक हैदराबाद में बिरला मंदिर परिसर में विज्ञान प्रदर्शनी में यहाँ से अधिक अच्छी तरह से प्रदर्शित की गई है।

3 Comments »

  1. अच्छी लगी संग्रहालय की ये सैर. आभार.

  2. mehek said

    bahut hi badhiya hai sangrahalay,annapurnaji vaise hum maisoor ja chuke hai,but i was in school at that time,never visited banglore,but hv faint memories of maisoor.uske vivaran ka bhi intazaar rahega.

  3. Annapurna said

    धन्यवाद समीर जी, महक जी !

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